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‘चवन्नी नहीं हूं कि पलट जाऊं’ BJP से नजदीकियों के बीच चर्चा में आये नेता के बयान पर सियासत गर्म   

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द फॉलोअप डेस्क 

BJP से नजदीकियों के बीच चर्चा में आये रालोद (RLD) सुप्रीमो जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) के एक बयान ने फिर से सियासी बहस छेड़ दी है। दरअसल, 2022 में उन्होंने BJP से गठबंधन के सवाल पर कहा था, ‘चवन्नी नहीं हूं कि पलट जाऊं’। तब जयंत चौधरी BJP से दूरी बनाकर राजनीति करने के फैसले पर अटल थे। इस बयान को आधार बनाकर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने उनपर कटाक्ष किया है। जयंत से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ये सब बेकार की बातें हैं। मैं ये सब सहन करने के लिए तैयार हूं। सियासत में इस तरह के बयान दिये जाते रहे हैं। लेकिन बयानों से उपर जनहित है। मैं इसी का ख्याल रखूंगा। चौधरी ने आगे कहा, जनता वैसे भी इस तरह की बातों को याद नहीं रखती है। 


क्या है पूरा मामला 
बता दें कि जयंत चौधरी के दादा को भारत रत्न (Bharat Ratna) मिलने के बाद उन्होंने NDA गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की है। जानकारों का मानना है कि यूपी में इस तरह से BJP ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। दरअसल जयंत चौधरी पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह के पोते और अजित सिंह के पुत्र हैं। चौधरी चरण सिंह को नरसिम्हा राव और डॉ एमएस स्वामीनाथन के साथ भारत रत्न देने की घोषणा हुई है। इसके बाद जयंत सिंह ने घोषणा की है कि आगामी लोकसभा चुनाव वो NDA गठबंधन के साथ मिलकर लड़ेंगे। बता दें कि RLD का यूपी में मजबूत जनाधार है और ये प्रदेश की राजनीति में हस्तक्षेप करने की हैसियत रखता है।  

9 फरवरी को जयंत ने दिया ये बयान 

चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न की घोषणा के बाद जयंत ने कहा कि NDA में शामिल होने के प्रस्ताव को मैं कैसे अस्वीकार कर सकता हूं। कहा अब इस प्रस्ताव को अस्वीकार करने का मेरे पास कोई आधार नहीं बचा है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी की सोच और फैसले ने देश में वो कर दिखाया है, जो आज तक कोई भी पार्टी नहीं कर सकी। वहीं, टिकट बंटवारे के सवाल पर जयंत ने कहा कि ऐसे समय में टिकट की बात करना, इस दिन और इस फैसले के महत्व को कम करना होगा। कहा कि मोदी ने साबित कर दिया है कि वो जनता और देश की मूल भावना को समझते हैं। समय आने पर टिकट बंटवारा भी कर लिया जायेगा।